प्रकाश(Light)
प्रकाश (light)-एक प्रकार की ऊर्जा है जिससे किसी वस्तु को देखने के लिए सहायता प्रदान करती हैं।
*विद्युत चुंबकीय तरंग हैैैै ।
* प्रकाश का वेग माध्यम पर निर्भर करता है।
*प्रकाश की चाल 3 * 10 की घात 8 मीटर पर सेकंड होती है।
प्रकाशकी के प्रकार (type of optics)-
1.प्रकाश का परावर्तन(Reflection of light)-यदि कोई प्रकाश की किरण किस माध्यम में आए तो किसी वस्तु या दर्पण से टकरानेेेे के बाद उसी माध्यम में लौट जाए तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
परावर्तन दो प्रकार के होते हैं-
1. नियमित परावर्तन-यदि कोई प्रकाश की किरण समांतर आए तो किसी वस्तु से टकराने के बाद उसी माध्यम में लौट जाए तो इस घटना को नियमित परावर्तन कहते हैं।
2. अनियमित परावर्तन-यदि कोई प्रकाश की किरण समांतर आए तो किसी वस्तु से टकराने केेेेेेे बाद समांतर लौट जाए तो इस घटना को अनियमित परावर्तन कहते हैंं
परावर्तन के नियम(law of refraction)-आपतित किरण ,परावर्तित किरण और अभिलंब तीनों एक ही बिंदु पर होते हैं तो इसे होतेे इसे समतलीय कहते हैं।
प्रकाश का अपवर्तन(Refraction of light)-यदि कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो अपनेेे मार्ग सेेेेेेेेेे विचलित हो जाए तो इस घटना को प्रकाश अपवर्तन कहते हैं।
2.अपवर्तन के नियम (law of refraction)-आपतित किरण ,प्ररावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं तो इसे समतलीय कहते हैं।
*इस नियम को स्नेल का नियम भी कहते हैं।
*किसीी पदार्थ का अपवर्तनांक माध्यम , माध्यम की प्रकृति, मााध्यम की भौतिक अवस्था ,प्रकाश के रंग तथा माध्यम के ताा पर निर्भर करता हैैैै।
*प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाता है तो अभिलंब की ओर झुक जाता है।
*जब कोई प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है तो अभिलंब से दूर हट जाता है।
अपवर्तनांक (Refraction index)-कोई भी माध्यम कितना अधिक सघन हैैैैैै या विरल है उसी माप को अपवर्तनांक कहते हैंं।
इसे n से प्रदर्शित करते हैं.
* हव में प्रकाश की चाल और किसी माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात को अपवर्तनांक कहते हैं।
निरपेक्ष अपवर्तनांक-हवा या निर्वात के सापेक्ष किसी माध्यम का जो अपवर्तनांक होता है उसे निरपेक्ष अपवर्तनांक कहते हैं।
सापेक्ष अपवर्तनांक-किसी दूसरे माध्यम केेे सापेक्ष किसी माध्यम काा जो अपवर्तनांक होता है उसे सापेक्ष अपवर्तनांक कहते हैं।
क्रांतिक कोण (critical angle)-सघन माध्यम में आपतन कोण का वह मान जिसके लिए विरल माध्यम में अपवर्तन कोण 90 डिग्री होता है उसे क्रांतिक कोण कहते हैं। इसे c से प्रदर्शित करते हैं।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन-क्रांतिक कोण से थोड़ा कोण बढ़ा देने से पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।
*प्रकाश विरल माध्यम सेे सघन माध्यम में जाना चाहिए।
*सघन माध्यम में आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण सेे बड़ा होना चाहिए।
* यह परावर्तन के सभी नियमों का पालन करता हैै
।
प्रिज्म(prism)-वह आकृति जो दो समांगी माध्यम सेेेेेेेेे अपवर्तक सतहो से किसी कोण पर झुकी हो तो उसे प्रिज्म कहते हैं।
विचलन कोण-प्रथम किरण और क्रांति किरण के बीच को विचलन कोण कहते हैं।
Very nice bhai
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